अपने हिस्से के रिश्ते.......
नैना तुम अरेंज मैरिज कर रही हो.... भड़ाक से दरवाजा खोलते हुए सारिन्धा का ये पहला सवाल था। ओह्ह हो तो सारिन्धा मोहरतमा आखिरकार अपने बिजी शेड्यूल से वक्त निकालकर हमारी शादी में तशरीफ ले ही आईं। वेट...ये बकवास छोड़ो, जो पूछा है वो बताओ। तुम वाकई में शादी कर रही हो... आई मीन वो तुम्हारा पागलपन वाला प्यार, वो रिश्ता वो क्या हुआ नैना, ये अरेंज मैरिज वो भी तुम.... नैना हंसते हुए- तो क्या नहीं कर सकती मैं, बोलो, कोई अजूबा तो नहीं कर रही न मैं। नैना प्लीज अपनी बकवास बंद करो जो पूछा है उसका जवाब दो... जी हां आपने सही सुना है मोहतरमा मैं पूरे होशो हवास में अरेंज मैरिज... जी हां अरेंज मैरिज कर रही हूं... आई नो तुम शॉक हो.... पर देखो प्रैक्टिकल हो के सुनों जो मैं कहने जा रही हूं... देखो वो सिर्फ और सिर्फ प्रेमी था, जिसने मुझसे प्रेम किया, उसने अपनी जिम्मेदारी पूरी की और चला गया, बाकी जो बचा हुआ हिस्सा था न जिसमें शादी, फैमिली प्लानिंग, बच्चे, होम लोन, ई एम आई, रिश्तेदारी की झझंट, घर का हो हल्ला, शादीशुदा जिंदगी की अपनी मशक्कत, पति-पत्नी की खटपट आदि की जिम्मेदारी वो मेरे होने वाले पति मह...